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VOL. 2, ISSUE 4 (2017)
पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा में प्रकृति के साथ अंतरंग सम्बन्ध के अनुभव का महत्व
Authors
अजेय रस्तोगी, नवीन चन्द्र पाण्डे
Abstract
जीवन में आनंद के लिए उपभोक्तावाद को एक प्रमुख कारक माना जाने लगा है, इसके साथ ही समाज में मानसिक अवसाद एवं मनोदैहिक विकार भी बड़ रहे हैं। पैसे और आधुनिक सुख-सुविधाओं के पीछे अंधी दौड़ में सांमाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों एवं पर्यावरण की अनदेखी हो रही है। वैज्ञानिक शोधों से यह स्पष्ट हो रहा है कि केवल आधुनिकता एवं पैसे के बल पर आंनददायक जीवन नहीं बिताया जा सकता हे, जिसके चलते हमारा जीवन काफी हद तक बनावटी होता जा रहा है। यह पता चल रह रहा हे कि मनुष्य अपनी आन्तरिक एवं बाह्रय प्रकृति से जितना दूर होता जा रहा है उतना ही असंतुष्ट भी होता जा रहा है। भावात्मक सन्तुलन के लिए प्रकृति के साथ सामांजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है। इस पैपर में मनुष्य का भौतिक एवं भावात्मक स्तर पर प्रकृति के साथ सम्बन्ध उजागर किया गया है। प्रकृति के साथ अंतरंग सम्बन्ध अनुभव के लिए तटस्थ अवलोकन की विधि का वर्णन किया गया है।
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Pages:681-687
How to cite this article:
अजेय रस्तोगी, नवीन चन्द्र पाण्डे "पर्यावरण संरक्षण एवं शिक्षा में प्रकृति के साथ अंतरंग सम्बन्ध के अनुभव का महत्व". International Journal of Academic Research and Development, Vol 2, Issue 4, 2017, Pages 681-687
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