Logo
International Journal of
Academic Research and Development

Search

ARCHIVES
2025 ISSUES
VOL. 1, ISSUE 1 (2016)
भारतीय योगदर्शन में कैवल्य स्वरूपः एक विवेचन
Authors
डाॅ. अमित शर्मा
Abstract
प ्रायः सभी भारतीय दर्श नों में या ेगदर्श न का महत्त्वपूर्ण  स्थान है।
व्यवहारिक एव ं क्रियात्मक होने क े कारण योगरूपी दार्शनिक
विचारधारा को निर्वि वाद रूप से सभी विद्वानों द्वारा स्वीकार किया
गया ह ै। अन्य भारतीय दर्शनों की भाँति साधना क े रूप में प ्रयुक्त
होने वाले या ेग का विकास आध्यात्मिक चिन्तन क े रूप में ह ुआ।
समय क े साथ-साथ योग का े कैवल्य प ्राप्ति क े नित्य साधन के
रूप में देखा जाने लगा। अब प्रश्न यह है कि कैवल्य क्या ह ै? इसे
कैसे प ्राप्त किया जा सकता ह ै? या ेगदर्श न में कैवल्य प ्राप्ति के इन
सभी प्रश्नों का समाधान किया गया ह ै।

Download
Pages:42-44
How to cite this article:
डाॅ. अमित शर्मा "भारतीय योगदर्शन में कैवल्य स्वरूपः एक विवेचन". International Journal of Academic Research and Development, Vol 1, Issue 1, 2016, Pages 42-44
Download Author Certificate

Please enter the email address corresponding to this article submission to download your certificate.