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VOL. 2, ISSUE 5 (2017)
सीकर जिले में कृषि आधुनिकीकरण में कृषि यंत्र का प्रभाव
Authors
विनोद कुमार सैनी
Abstract
सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिक क्रिया है। कृषि में आधुनिकीकरण के लिए उसमें नई तकनीकी, मशीनीकरण, रासायनिक उर्वरक, नई किस्म के उन्नत बीज एवं विभिन्न कीटनाशक औशधियाॅ कृशि में प्रयुक्त की जाने लगी, जिससे कृशि के क्षेत्र में नये परिवर्तन हुए एवं कृशि उत्पादन भी प्रभावित होने लगा। अतः कृशि के आधुनिकीकरण का तात्पर्य कृशि कार्यो में विभिन्न वैज्ञानिक तकनीकियों के सम्रग उपयोग से है। प्रस्तुत अध्ययन का मुख्य उद्देश्य सीकर जिले में कृशि आधुनिकीकरण के प्रभाव का अध्ययन करना है। यह प्रभाव सकारात्मक होगा अथवा नकारात्मक अध्ययन से स्पश्ट करने का प्रयास होगा। प्रस्तुत शोध पत्र इस दिशा में सकारात्मक प्रयास है। अध्ययन क्षेत्र सीकर जिला राजस्थान के उŸारी पूर्वी भाग में स्थित है जिले का कुल भौगोलिक क्षेत्रफल 7732 वर्ग किलोमीटर है जो राज्य का 2.25 प्रतिशत है। प्रस्तुत शोध अध्ययन सेे यह स्पश्ट हुआ है कि कृशक अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने के लिए कृशि भूमि का अधिकतम दोहन करता है। इसके लिए आधुनिक कृशि आदान, उन्नत बीज, रासायनिक खाद और फसलों को बीमारी से बचानें हेतु पौध संरक्षण औशधियों की जानकारी एवं उपयोग नये कृशि यंत्र एवं उपकरणों का उपयोग आदि के सहयोग से कृशि व्यवस्था आधुनिकीकरण की ओर अग्रसर हो रही है। खाद्य फसलों के साथ-साथ व्यापारिक फसलों के उत्पादन बढ़ने से कृशि में व्यवसायीकरण प्रक्रिया विकसित हो रही है।
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Pages:1003-1007
How to cite this article:
विनोद कुमार सैनी "सीकर जिले में कृषि आधुनिकीकरण में कृषि यंत्र का प्रभाव". International Journal of Academic Research and Development, Vol 2, Issue 5, 2017, Pages 1003-1007
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