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VOL. 2, ISSUE 4 (2017)
18वीं शताब्दी बीकानेर में पट्टेदारो के किसानों के साथ सम्बन्ध
Authors
सुरेन्द्र सिंह
Abstract
बीकानेर राज्य में पट्टाप्रणाली सामन्तवादी व्यवस्था का ही एक रूप थी। जो कि मुग़ल कालीन जागीरदारी के समान थी। पट्टेदारों को राज्य की सैनिक सेवा के बदले में पट्टे प्राप्त होते थे। पट्टेदारों के पट्टे में कृषक कार्य करते थे। इसलिए पट्टेदारों और कृषकों के पारस्परिक सम्बन्ध अत्यन्त महत्वपूर्ण थे। पट्टेदार औ कृषक दोनों के समृद्ध जीवन का आधार कृषि था। इसलिए पट्टेदार व कृषकों के साथ उचित व्यवहार जरूरी था। लेकिन पट्टेदारों की शोषण करने की प्रवृत्ति के कारण यह सम्भव नहीं था। पट्टेदार एवं किसानों के पारस्परिक सम्बन्धों का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर यह ज्ञात होता है कि कृषकों के साथ पट्टेदार उचित व्यवहार नहीं करता था।
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Pages:841-842
How to cite this article:
सुरेन्द्र सिंह "18वीं शताब्दी बीकानेर में पट्टेदारो के किसानों के साथ सम्बन्ध". International Journal of Academic Research and Development, Vol 2, Issue 4, 2017, Pages 841-842
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