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VOL. 2, ISSUE 4 (2017)
प्रसाद की साहित्य सेवा
Authors
डाॅ0 जयराम त्रिपाठी
Abstract
जयशंकर प्रसाद के साहित्य का अध्ययन करते हुए हम यह मानने पर विवश हो जाते हैं कि यदि प्रतिभा किसी साहित्यकार को प्राप्त हुई है तो वह महान् साहित्य की रचना कर सकता है भले ही उसे विद्यालय और महाविद्यालय से शिक्षा न प्राप्त हो पाई हो। प्रसाद ने साहित्य के दोनों रूपों में (गद्य एवं पद्य) साहित्य सृजन किया। गद्य मेें आलोचना, नाटक, कहानी और उपन्यास इन सभी रूपों में विपुल साहित्य की रचना की। जयशंकर प्रसाद एक और अत्यन्त महत्वपूर्ण साहित्यिक घटना के साक्षी एवं कर्ता-धर्ता थे वह भी काव्य की भाषा का ब्रज से खड़ी बोली में स्थानान्तरण। प्रसाद की प्रारंभिक रचनाएँ ब्रजभाषा में थीं जो चित्राधार में संकलित हैं।
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Pages:714-715
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डाॅ0 जयराम त्रिपाठी "प्रसाद की साहित्य सेवा". International Journal of Academic Research and Development, Vol 2, Issue 4, 2017, Pages 714-715
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