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VOL. 1, ISSUE 8 (2016)
उपभोक्ताओं के हित संरक्षण में उपभोक्ता फोरम की भूमिका : रीवा जिला उपभोक्ता फोरम के विशेष संदर्भ में
Authors
डाॅ0 कृष्णदास तिवारी
Abstract
उपभोक्ता फोरम के संबंध मे उपभोक्ताओ में अधिक जागरूकता आयी है तथा रीवा जिला फोरम की वार्षिक निर्णय की दर लगभग 99 प्रतिशत है जिन मामलों के निराकरण में देरी होती है उसका कारण पक्षकारों के द्वारा विलंब, साक्षियों का समय पर साक्ष्य देने के लिये उपस्थित न होना, वकीलों द्वारा मामले की पैरवी में अधिक समय लेना तथा यदि माल के असली-नकली होने के संबंध में विशेषज्ञ की रिर्पोट की आवश्यकता है तो ऐसे विशेषज्ञ की रिर्पोट में अधिक समय लगना है। रीवा जिला फोरम में विद्युत विभाग, बीमा कंपनी, फाइनेशियल कंपनी, मोटर पार्टस विक्रेता के विरूद्व सर्वाधिक मामले दायर किये जाते हैं, लेकिन लगभग 90 प्रतिशत उपभोक्ता वकील के माध्यम से ही फोरम में आते हैं। रीवा जिला फोरम का वार्षिक निर्णय की दर शत-प्रतिशत है।
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Pages:42-47
How to cite this article:
डाॅ0 कृष्णदास तिवारी "उपभोक्ताओं के हित संरक्षण में उपभोक्ता फोरम की भूमिका : रीवा जिला उपभोक्ता फोरम के विशेष संदर्भ में". International Journal of Academic Research and Development, Vol 1, Issue 8, 2016, Pages 42-47
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